दोस्तों, स्वस्थ जीवन में विटामिन की महत्वपूर्ण भूमिका है। शरीर के लिए 13 विटामिन जरूरी है। क्या आप जानते हैं कि शरीर के लिए आवश्यक 13 विटामिन कौन से है? विटामिन जल या वसा में घुलनशील होते हैं।विटामिन- A, D, E एवं K वसा में घुलनशील और विटामिन- B Complex एवं C जल में घुलनशील विटामिन हैं। विटामिन- B Complex 8 प्रकार के होते हैं। वे हैं – विटामिन – B1, B2, B3, B5, B6, B7, B9 और B12 । विटामिन भोजन में उपस्थित एक जटिल कार्बनिक यौगिक है। यह जीवन, स्वास्थ्य, वृद्धि व विकास तथा उपापचय के लिए अनिवार्य है।
रंगीन फल व सब्जियां इसके मुख्य स्रोत हैं।
शरीर को स्वस्थ बनाने में विटामिन भूमिका है।
विटामिन क्या है-What Is Vitamin In Hindi
विटामिन रासायनिक रूप से एक जटिल कार्बनिक पदार्थ है, जो शरीर को जिंदा रखने के लिए थोड़ी मात्रा में जरूरी है।
दिलचस्प बात तो ये है कि आप जिन चीजों को रोजाना खाते हैं, उसी में Vitaminsपाया
जाता है।
विटामिन भी Minerals की तरह भोजन का अवयय और सूक्ष्म पोषक तत्व (Micronutrient)है।
शायद आपको ये जानकर हैरानी होगी कि विटामिन से शरीर को ऊर्जा नहीं मिलती है। परंतु यह शरीर के कई महत्वपूर्ण कार्यों के लिए थोड़ी मात्रा में आवश्यक है।
विटामिन की कमी से शरीर के में कई बीमारियां होती है। जैसे- रतौंधी, बेरी-बेरी, पेलाग्रा, इत्यादि।
यदि विटामिन की कमी से होने वाले बीमारियों का इलाज समय नहीं किया जाय तो यह यह जानलेवा भी हो सकता है। शायद इसलिए Vitamin को हिंदी में प्रजीवक या जीवनी-तत्व कहा जाता है।
जानने वाली बात यह है कि प्रायः विटामिन शरीर में नहीं बनता है। इसलिए इसे भोजन से प्राप्त किया जाता है। फल, सब्जी, दूध व अंडा विटामिन के अच्छे स्रोत हैं।
सर्वप्रथम विटामिन शब्द का प्रयोग पोलिश वैज्ञानिक सी. फंक ने 1912 में किया था। परंतु विटामिन की खोज ब्रिटिश वैज्ञानिक सर एफ. जी. हापकिंस ने 1911-12 में की थी।
खास तौर पर आपको ये जानना जरूरी है कि मुख्य रूप से विटामिन 6 प्रकार का होता है।
विटामिन-A
विटामिन-B
विटामिन-C
विटामिन-D
विटामिन-E
विटामिन-K
विटामिन-B समूह में पाया जाता है। सामुहिक रुप से इसे विटामिन-बी कॉम्प्लेक्स कहते है। जो 8 प्रकार के होते हैं।
विटामिन-“P” एक नया विटामिन है। इसे विटामिन माना जाये या नहीं, अभी यह एक विवादित मामला है।
इस प्रकार विटामिन-P के अलावा कुल 13 प्रकार की ज्ञात Vitamins है।
विटामिन की खोज-Discovery Of Vitamin In Hindi
विटामिन हमारे शरीर के लिए एक महत्वपूर्ण आवश्यक सूक्ष्म पोषक तत्व (Micronutriet) है।
हमारे अच्छे स्वास्थ्य, शरीर की रोगों से रक्षा, उपापचयी क्रियाओं का नियमन, एंजाइम का निर्माण तथा शरीर की वृद्धि एवं विकास के लिए विटामिन को दैनिक भोजन में लेना आवश्यक होता है।
परंतु विटामिन की खोज के पहले चिकित्सा वैज्ञानिक भोजन के 4 अवययों-प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, वसा तथा खनिज-लवण को ही आवश्यक पोषक तत्व मानते थे।
फिर उन्होंने देखा कि पर्याप्त मात्रा में इन पोषक तत्वों को भोजन में लेने पर भी मनुष्य कई रोगों से ग्रसित हो जाता है। आखिर क्यों ? इसकी खोज के लिए वे प्रयोग एवं शोध कार्य करते रहे।
कैदियों, गोताखोरों तथा पर्वतारोहियों पर किया गया प्रयोग:
एक शोध के क्रम में दो वैज्ञानिक सर एफ. जी. हॉपकिन्स तथा क्रिश्चियान एईकमैन ने कैदीयों, गोताखोरों तथा पर्वतारोहियों प एक प्रयोग किये।
वे कई वर्षों तक इनको पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, वसा, खनिज-लवण एवं पानी को खाने को दिया। फिर उनके स्वास्थ्य की जांच किये तो पाये कि वे सभी किसी न किसी रोग से ग्रसित हैं।
इसके बाद इन दोनों वैज्ञानिकों ने पता लगाया कि भोजन में कुछ पोषक तत्वों की कमी के कारण वे रोग ग्रसित हो गए थे। उन अज्ञात पोषक तत्वों को बाद में “विटामिन” कहा गया।
इस खोज के लिए 1929 में इन दोनों वैज्ञानिकों को एक साथ नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
पशुओं की आहार पर किया गया प्रयोग:
सर एफ.जी. हॉपकिन्स ने पशुओं के आहार में शुद्ध प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, वसा, खनिज-लवण और पानी दिया। परंतु पशुओं का वृद्धि नहीं हो रहा था।
इसलिए उन्होंने पशुओं की वृद्धि एवं उनकी अस्तित्व के लिए उनके सामान्य आहार में आवश्यक अज्ञात पदार्थ को देने का सुझाव दिया।
1912 में, Sir F. G. Hopkins ने पशुओं के आहार पर किए गए प्रयोगों को प्रकाशित किये। वे इन अज्ञात काल्पनिक पदार्थों को गौण खाद्य कारक (Accessory Food Factor) कहे।
फिर 1912 में ही C.Funk ने इसका “Vitamine” (विटामाईन) का नाम दिया। परंतु 1920 में Cecil Drummond ने Vitamine में से अंतिम अक्षर “e” को हटाकर “Vitamin” (विटामिन) कर दिया।
1913 में, Elmer Vermer McCollum तथा Marguerite Davis ने घुलनशीलता के आधार पर विटामिन को दो समूहों में बांटा:
वसा में घुलनशील विटामिन तथा
जल में घुलनशील विटामीन
विटामिन शब्द की उत्पत्ति – Origin Of Word Vitamin In Hindi
C. FUNK
“Vitamin” (विटामिन) शब्द की उत्पत्ति मूल शब्द “Vitamine” (विटामाइन) से हुआ है।
जिसका प्रस्ताव 1912 में पोलिश जैव रसायनज्ञ कैसीमिर फंक (Polish Biochemist Casimir Funk) ने किया था।
“Vitamine” में लैटिन शब्द “Vita” का अर्थ“Life”(जीवन) होता है। “amine” शब्द को नाइट्रोजन युक्त पदार्थ के लिए प्रत्यय(Suffix) के रूप में किया जाता है।
उस समय वैज्ञानिकों की सोच थी कि सभी विटामिन “amine” अर्थात नाइट्रोजन युक्त होते हैं। परंतु 1920 में ब्रिटिश वैज्ञानिक Sir Jack Cecil Drummond ने पता लगाया कि सभी विटामिन में अमाइन समूह (amine group) नहीं होता है। इसलिए उन्होंने अमाइन संदर्भ को समाप्त कर “Vitamine” शब्द में से अंतिम अक्षर “e” को हटाने का प्रस्ताव किया।
इस खोज के बाद देखा गया कि Vitamin-c में कोई amine group नहीं है। अतः “Vitamine” शब्द में से “e” को हटाकर “Vitamin” नाम रख दिया गया।
विटामिन की खोज का इतिहास- History Of The Discovery Of Vitamins In Hindi
1747 में स्कॉटिश सर्जन जेम्स लिंड ने खोज किया कि स्कर्वी (Scurvy) नामक रोग की रोकथाम में खट्टी चीजें सहायक होती है।
1881 में रूसी सर्जन निकोलाई लुनिन (Nikolai Lunin) ने चूहों पर शोध किये। उन्होंने शोध में पाया कि दूध में प्रोटीन एवं वसा के अलावा थोड़ी मात्रा में स्वस्थ जीवन के लिए अनिवार्य अज्ञात तत्व भी होनी चाहिए।
1886 में, डच जीवाणु विशेषज्ञ क्रिश्चयान एईकमैन (Dutch Bacteriologist Christiaan Ejkman) ने इंडोनेशिया में फैली बेरी-बेरी नामक बीमारी से लोगों को मरते हुए देखा।
वे मरने के कारणों का खोज किये तो पाये कि भोजन में कुछ पोषक तत्वों की कमी है, जिसे आज विटामिनकहते हैं। परंतु उनका यह खोज अधूरा ही रहा।
आज विटामिन की कई जानकारियां हमें प्राप्त है। जो मुख्यतः ब्रिटिश वैज्ञानिक सर एफ. जी. हापकिंस की देन है। 1911-12 में उन्होंने सिद्ध कर दिया कि-
शरीर को स्वस्थ रखने के लिए भोजन में निश्चित
मात्रा में विटामिन की आवश्यकता महत्वपूर्ण है।
अन्यथा विटामिन की कमी या
अधिकता से शरीर में कुछ रोगों का
आक्रमण संभव है।
विटामिन शरीर को स्वस्थ और निरोग बनाए रखने वाला एक महत्वपूर्ण रसायनिक तत्व है। अतः विटामिन की खोज के लिए सर एफ. जी. हापकिंस को 1929 में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।
सर एफ.जी. हापकिंस ने विटामिन की खोज अवश्य की थी। परंतु विटामिन का नामकरण 1912 में पोलिश रसायनज्ञ कैसीमिर फंक (Polish Biochemist Casimir Funk) ने किया।
विटामिन का वर्गीकरण-Classification of Vitamins In Hindi
घुलनशीलता या विलेयता (Solubility) के आधार पर विटामिन को दो वर्गों में वर्गीकृत किया गया है-
वसा में घुलनशील विटामिन (Fats Soluble Vitamins)
4 विटामिन वसा में घुलनशील होते हैं-
विटामिन-A [Retinol]
विटामिन-D [Calciferol]
विटामिन-E [Tocopherol]
विटामिन-K [Phylloquinone]
जल में घुलनशील विटामिन ( Water Soluble Vitamins)
2 विटामिन जल में घुलनशील होते हैं-
विटामिन-B समूह [B–Complex]
विटामिन-C [Ascorbic acid]
विटामिन-B समूहों में पाया जाता है जिसे “विटामिन-B कॉम्प्लेक्स” कहते हैं। ये 8 प्रकार के होते हैं-
विटामिन B1-Thiamine
विटामिन B2-Riboflovin
विटामिन B3-Pantothenic-acid
विटामिन B5-Nicotinic acid
विटामिन B6-Pyridoxine
विटामिन B7-Biotin
विटामिन B9 – Folic acid
विटामिन B12- Cynocobalamine
# विटामिन-P: यह विटामिन-C से भिन्न एक विवादग्रस्त विटामिन है।
# शरीर में विटामिन का संश्लेषण | Synthesis of Vitamins In Body In Hindi
प्रायः हमारे शरीर में विटामिन का संश्लेषण नहीं होता है। परंतु वसा में घुलनशील विटामिन-A, D, E और K को शरीर संग्रह कर सकता है। फिर जरूरत पड़ने पर शरीर इसे प्राप्त भी कर सकता है।
वहीं जल में घुलनशील विटामिन- “B” तथा “C” शरीर में संग्रह नहीं होता है। यह मूत्र (Urine) के साथ शरीर से बाहर उत्सर्जित हो जाता हजबकि दो विटामिन, विटामिन-“D” तथा “K” का संश्लेषण हमारे शरीर में स्वयं होता है।
7-Dehydrocholestrol हमारे त्वचा में होता है। जो सूर्य के प्रकाश में उपस्थित पराबैगनी किरणोंसे प्रतिक्रिया करके त्वचा में उपस्थित Ergosterol को विटामिन-“D” में बदल देता है। विटामिन-K थोड़ी मात्रा में Liverमें बनता है।
हमारे आँतों में कुछ ऐसे Bacteria होते हैं, जो विटामिन-“B”, “E” और “K” को बनाते हैं।
#विटामिन का महत्व | Importance of Vitamins in Hindi
हम सभी जानते हैं कि भोजन हमारे शरीर के लिए एक महत्वपूर्ण मूलभूत आवश्यकता है। परंतु ये बात बहुत कम लोग जानते हैं कि भोजन में उपस्थित पोषक तत्व स्वस्थ जीवन का आधार है, जो हमारे स्वास्थ्य को सबसे ज्यादा प्रभावित एवं नियंत्रित करता है।
आप ऊपर में पढ़ें हैं कि विटामिन की खोज से पहले चिकित्सा विज्ञानी भोजन में पोषक तत्व- कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा तथा खनिज लवणों का होना ही जरूरी मानते थे।</br >परंतु सर्वप्रथम 1881 में, एन. आई. लुनिन ने विटामिन की खोज कर बताये कि-स्वस्थ शरीर के लिए भोजन में कार्बोहाइड्रेट इत्यादि तत्वों के अलावा कुछ दूसरे तत्वों (विटामिन) का सूक्ष्म मात्रा में होना जरूरी है।
1912 में, वैज्ञानिक एफ. जी. हॉपकिन्स तथा सी. फंक ने विटामिन मत प्रस्तुत कर बताया कि-
“प्रत्येक रोग भोजन में किसी न किसी विटामिन की कमी से होता है और भोजन में विटामिन तत्वों वाले पदार्थ देकर इन रोगों को दूर किया जा सकता है”।
अतः शरीर की सुरक्षा तथा हमारे स्वास्थ व तंदुरुस्ती को बनाए रखने में भोजन में संतुलित मात्रा में विटामिन का बहुत महत्व है।
# विटामिन के कार्य | Functions Of Vitamins In Hindi
हमारे शरीर में Vitamins के कई महत्वपूर्ण कार्य हैं,
जो निम्नलिखित हैं-
भोजन को ठीक से पचाकर ईंधन में
बदलना विटामिन का मुख्य कार्य है।
शरीर की उपापचयी क्रियाओं को नियंत्रित करना।
शरीर के रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाकर शरीर को संक्रमण एवं रोगों से रक्षा करना।
शरीर के विकास एवं वृद्धि में मदद करना।
तंत्रिका को स्वस्थ बनाये रखना।
शरीर को भोजन से ऊर्जा प्रदान करने में मदद करना।
शरीर में एंजाइम का निर्माण करना।
विटामिन-A, C एवं E एंटीऑक्सीडेंट के रूप में कार्य करते हैं। जो शरीर के अंदर उत्पन्न फ्री
रेडिकल को कम कर शरीर को Cancer जैसे कई रोगों से बचाता है।
शरीर को सही रूप में काम करने में विटामिन का अहम भूमिका होता है। इसलिए विटामिन को “जीवन रक्षक” भी कहा
जाता है।
# विटामिन की कमी से होने वाले रोग एवं विटामिन के स्रोत
VITAMIN-A
विटामिन A की कमी से होने वाले रोग एवं स्रोत
रोग:
रतौंधी तथा आंखों से संबंधित अन्य रोग
त्वचा संबंधी रोग
बालों में सूखापन
स्रोत:
गाजर
लाल या पीले रंग वाले फल
दूध
मांस
अंडा
मछली का तेल
मक्खन
हरे पत्तेदार साग-सब्जी
गोभी
पनीर
विटामिन B1 (थायमीन) की कमी से होने वाले रोग एवं स्रोत
रोग-
बेरी-बेरी
स्रोत-
चावल
अनाज के छिलके
दूध
सोयाबीन
साबूत अनाज
हरी सब्जियां
मांस
मेवा
पनीर
विटामिन B2 (राइबोफ्लेविन) की कमी से होने वाले रोग एवं स्रोत
रोग-
मुंह में छाले पड़ना
भूख की कमी
चर्म रोग
शरीर के भार में कमी आ जाना
स्रोत-
हरी पत्तेदार सब्जियां
दूध
यीस्ट
मांस एवं अंडा
विटामिन-B3 (नियासिन) की कमी से होने वाले रोग एवं स्रोत
रोग-
पेलाग्रा
मानसिक रोग
पाचन क्रिया की गड़बड़ी
स्रोत
दूध
दही
पनीर
मांस
मछली
अंडा
अंकुरित गेहूं
आलू
अनाज की बाहरी परत
बदाम
टमाटर
पत्तेदार सब्जियां
विटामिन- B5 (पैन्टाथीनिक एसीड) की कमी से होने वाले रोग एवं स्रोत
रोग-
हृदयाघात
त्वचा रोग
बालों की समस्या
स्रोत-
ईस्ट
मांस
टमाट
अनाज
विटामिन – B6 (Pyridoxine) की कमी से होने वाले रोग एवं स्रोत
रोग-
शारीरिक वृद्धि में अवरोध
खून की कमी
त्वचा रोग
स्रोत-
हरी सब्जियां
अनाज
मांस
कलेजी
विटामिन-B7 (बायोटिन) की कमी से होने वाले रोग एवं स्रोत
रोग-
त्वचा रोग
बालों का झड़ना
मांसपेशियों में दर्द
स्रोत-
हरी सब्जियां
ताजे फल
यकृत
दूध
अंडा
अनाज
दाल
विटामिन -B9 (फोलिक एसिड ) की कमी से होने वाले रोग एवं स्रोत
रोग-
एनीमिया
पेचिश
मुंह के अल्सर
शारीरिक वृद्धि में कमी
स्रोत-
हरी पत्तेदार सब्जियां
संतरा
केला
अंडा
पालक
यकृत
विटामिन- B12 (साइनोकोबालामिन) की कमी से होने वाले रोग एवं स्रोत
रोग-
एनीमिया
तंत्रिका तंत्र की बीमारियां
स्रोत-
मांस
मछली
अंडा
पनीर
अनाज
विटामिन- C (एस्कॉर्बिक एसिड) की कमी से होने वाले रोग एवं स्रोत
VITAMIN-C
रोग:
स्कर्वी रोग (घाव का जल्दी ना भरना)
मसूड़ों का फूलना
स्रोत-
खट्टे फल जैसे-
-निम्बू
-संतरा
-मुसम्मी
आंवला
टमाटर
पत्तेदार सब्जियां
अंकुरित अनाज
हरी मिर्च
विटामिन-D (Calciferol) की कमी से होने वाले रोग एवं स्रोत
VITAMIN-D
रोग-
बच्चों में रिकेट्स
व्यस्क में ओस्टियोमलेशिया
टीटैनी
स्रोत-
सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में शरीर में स्वयं संश्लेषित
इसके अलावा-
मक्खन
अंडे
मछली के तेल
विटामिन-E (Tocoferol ) की कमी से होने वाले रोग एवं स्रोत
VITAMIN-E
रोग
नपुंसकता
स्त्री में बन्ध्यता
भ्रूण का नष्ट हो जाना
चेहरे पर कील-मुंहासे
स्रोत-
अंकुरित अनाज
सोयाबीन का तेल
हरी सब्जियां तथा
मांस
विटामिन-K (Pyloquinone) की कमी से होने वाले रोग एवं स्रोत
VITAMIN-K
रोग-
रक्त का थक्का न बनना
हीमोफीलिया
स्रोत
हरी पत्तेदार सब्जियां
पनीर
सोयाबीन
विटामिन-P (बायोफ्लैवेनॉइड्स) की कमी से होने वाले रोग एवं स्रोत
रोग-
रक्त वाहिनी शिराओं की मजबूती में कमी आ जाना
रक्तचाप असामान्य हो जाना
स्रोत-
खट्टे-मीठे फल
साग-सब्जी
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दोस्तों, उम्मीद है कि Vitamins से संबंधित यह Post विटामिन क्या है | विटामिन की खोज | Vitamins In Hindi
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इस आर्टिकल में आप जाने कि विटामिन (Vitamin In Hindi) हमारे स्वस्थ जीवन के लिए एक अनिवार्य
कार्बनिक सूक्ष्म पोषक तत्व है। साथ ही तथ्यों से स्पष्ट है कि विटामिन की खोज मानव जाति के लिए एक
महत्वपूर्ण खोज थी।
क्योंकि वैज्ञानिकों ने अब सिद्ध कर दिया है कि शरीर की स्वास्थ्य व तंदुरुस्ती के लिए जीवनीय रासायनिक तत्व
विटामिन को संतुलित मात्रा में दैनिक आहार में लेना अनिवार्य रूप से जरूरी है।
विटामिन रंगीन फलों तथा सब्जियों में अधिक मात्रा में पाया जाता है। इसलिए आप इन्हें रोजाना अपने
Diet में शामिल करें।
अन्त में आप से एक सवाल है कि-
किसी कारणवश, यदि आप सभी Vitamins को भोजन के माध्यम से नहीं ले पा रहे हैं तो क्या होगा? और विटामिन की
कमी की पूर्ति के लिए क्या करें?
मेरे समझ से इसका सही जवाब ये है कि-
भोजन में विटामिन की कमी रहने पर शरीर में भी विटामिन की कमी हो जाएगी। जिसके कारण आपका Immunity
यानी रोगों से लड़ने की क्षमता घट जायेगी तथा अक्सर आप विटामिन की कमी से होने वाले बीमारियों से ग्रसित
रहेगें।
विटामिन की कमी की पूर्ति के लिए क्या करें?
क्या आपको ऐसा नहीं लगता कि यह एक सबसे अहम एवं आला दर्जे का सवाल है। तो दोस्तों, विटामिन की कमी की पूर्ति आप दो तरीकों से
आसानी से कर सकते हैं।
1.) Diet Plan बना कर
अपने लिए एक Suitable Diet Plan बनायें। बेहतर होगा इसके लिए आप अपने Doctor या Dietician से Consult करें।
2.) Food Supplements से
Food Supplements विटामिन की कमी की पूर्ति का एक अच्छा तरीका हैं। अच्छी बात तो ये है कि आजकल मार्केट
में बहुत सारे Food Supplements उपलब्ध हैं। इसे आप केमिस्ट की दुकान से खरीद सकते हैं या Online भी Amazon या Flipkart मंगा
सकते हैं।